मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
रिपोर्ट शाहनवाज खान
पिरान कलियर। जमीअत उलेमा-ए-हिन्द की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को पिरान कलियर में आयोजित हुई, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सय्यद अरशद मदनी ने देश में बढ़ती सामाजिक चुनौतियों के बीच प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में मौलाना मदनी ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, आपसी सम्मान और गंगा-जमुनी तहज़ीब में निहित है। उन्होंने कहा कि नफरत, हिंसा और फिरकापरस्ती किसी भी समाज को कमजोर करती है, जबकि मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारा देश को मजबूत बनाने का काम करते हैं।
मौलाना मदनी ने कहा कि इस्लाम केवल इबादत का नहीं बल्कि इंसानियत की खिदमत का भी धर्म है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक हिन्दू परिवार की बेटी विदेश में कठिन परिस्थितियों में फंसी हुई थी। जब परिवार ने मदद मांगी तो जमीअत ने बिना किसी धार्मिक भेदभाव के उसकी सहायता का जिम्मा उठाया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद की मदद करना ही असली इंसानियत है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि मुसलमानों ने हर संकट की घड़ी में देशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर मानवीय संकटों तक, जमीअत और मुस्लिम समाज ने हमेशा राहत एवं सहायता कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
नबी-ए-करीम की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि पड़ोसी चाहे किसी भी धर्म या समुदाय से संबंध रखता हो, उसके अधिकारों का सम्मान करना और उसके साथ अच्छा व्यवहार करना हर इंसान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक आदर्श समाज की नींव आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग पर टिकी होती है।
बैठक में वक्ताओं ने जमीअत उलेमा-ए-हिन्द की देश की आजादी में निभाई गई भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि संगठन के उलमाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहां सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त हो।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश संगठन की गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि देश की मजबूती और तरक्की का रास्ता आपसी एकता, प्रेम और इंसानियत से होकर गुजरता है।
