मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
नैनीताल।
केशव थलवाल मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नैनीताल में हुई सुनवाई के दौरान अदालत का माहौल काफी तीखा रहा, जहां जस्टिस थपलियाल ने जांच प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नाराजगी जताई।
पहली सुनवाई में कोर्ट ने केशव थलवाल के मेडिकल परीक्षण के निर्देश दिए थे, लेकिन अगली सुनवाई में रिपोर्ट पेश न होने पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो मेडिकल परीक्षण अदालत की निगरानी में ही कराया जाएगा।
पुलिस से सीधे और कड़े सवाल
सुनवाई के दौरान जस्टिस थपलियाल ने पुलिस से पूछा कि क्या केशव थलवाल को जबरदस्ती मानसिक रूप से बीमार साबित करने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं जांच का रुख पूर्वाग्रह से प्रभावित तो नहीं है।
इन सवालों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर बहस तेज हो गई है।
निष्पक्ष जांच पर कोर्ट का जोर
अदालत ने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरी जांच पारदर्शी व निष्पक्ष होनी चाहिए। अब पुलिस को जल्द से जल्द मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी होगी और आगे की कार्रवाई कोर्ट की निगरानी में होगी।
फिलहाल, इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
