कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत सहित इनके खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल, ED की कार्यवाही पर हरक का बड़ा बयान

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून: कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने के बाद कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने ईडी को चुनौती दी कि अगर उन पर लगे आरोप साबित होते हैं तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

 

*हरक सिंह रावत का बयान*

 

हरक सिंह रावत ने कहा, “मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र किया जा रहा है, जिसका जवाब मैं न्यायालय में दूंगा। मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है और मैं न्याय की लड़ाई को जीतूंगा।”

 

*दोष साबित होने पर राजनीति से संन्यास*

 

हरक सिंह रावत ने कहा कि अगर उन पर इस मामले में दोष साबित होता है तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को न्यायालय में पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे और जब वह न्यायालय से दोष मुक्त हो जाएंगे, तब वह मानहानि के रूप में षड्यंत्रकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे।

 

*ईडी के अधिकारियों पर भी बरसे*

 

हरक सिंह रावत ने ईडी के अधिकारियों पर भी जमकर बरसे और कहा कि वे राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उन्हें फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।

 

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), देहरादून ने PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम), 2002 के प्रावधानों के तहत बीरेंद्र सिंह कंडारी और अन्य के मामले में बीरेंद्र सिंह कंडारी, हरक सिंह रावत, दीप्ति रावत, लक्ष्मी राणा और श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के खिलाफ माननीय विशेष न्यायालय (PMLA), देहरादून के सामने अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है।’

 

बताया जा रहा है कि ईडी ने सहसपुर, देहरादून, उत्तराखंड में भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बीरेंद्र सिंह कंडारी, हरक सिंह रावत, स्वर्गीय सुशीला रानी और अन्य व्यक्तियों द्वारा रची गई साजिश के परिणामस्वरूप दीप्ति रावत (हरक सिंह रावत की पत्नी) और लक्ष्मी सिंह राणा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम पर करने में सफल रहे।’

 

प्रेस रिलीज के अनुसार ईडी की जांच में आगे पता चला कि ‘माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद सुशीला रानी ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सहसपुर, देहरादून में स्थित जमीनों की दो पावर ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत कीं। इसके अलावा, ये जमीनें पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बीरेंद्र सिंह कंडारी, जो हरक सिंह रावत के एक करीबी सहयोगी हैं, द्वारा दीप्ति रावत और लक्ष्मी सिंह राणा को उस राशि पर बेची गईं जो उस क्षेत्र में प्रचलित सर्किल दरों से बहुत कम थीं। दीप्ति रावत द्वारा खरीदी गई जमीनें अब दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत संचालित) का हिस्सा हैं, जिसका नियंत्रण हरक सिंह रावत के परिवार और दोस्तों के पास है।’

 

प्रेस रिलीज के अनुसार, ‘इससे पहले, जनवरी 2025 में, ईडी ने एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया था, जिसमें लगभग 101 बीघा जमीन, जिसकी कीमत 6.56 करोड़ रुपए (वर्तमान बाजार मूल्य 70 करोड़ से अधिक है) है, को कुर्क किया गया था, जिसमें इस मामले में जिला-देहरादून में जमीन के 2 टुकड़े शामिल हैं। आगे की जांच जारी है।’

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