माणा सरस्वती मंदिर विवाद पर भैरव सेना का आर-पार का ऐलान, 23 जून से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। चमोली जिले के माणा स्थित पौराणिक सरस्वती मंदिर में कथित अवैध निर्माण, मानव मूर्तियों की स्थापना और भूमि अतिक्रमण के आरोपों को लेकर भैरव सेना संगठन ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए 23 जून से निर्णायक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने दावा किया कि आरटीआई और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मंदिर परिसर में सरकारी भूमि पर बिना अनुमति निर्माण किया गया है। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में मानव मूर्तियां स्थापित किए जाने को सनातन परंपराओं के खिलाफ बताया गया।

भैरव सेना का कहना है कि पिछले चार वर्षों से इस मामले में ज्ञापन, प्रदर्शन और जनजागरण अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने मंदिर परिसर से मानव मूर्तियां हटाने, मामले की जांच कराने और कथित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

भैरव सेना ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो देहरादून, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग और जोशीमठ सहित कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संगठन ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा तथा देवभूमि की धार्मिक परंपराओं और कानून-व्यवस्था का सम्मान करते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।

205 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *