अभियान एवं जलप्रहरी ने जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए दिए सुझाव, सीएम से की ये अपील

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून: जलसंरक्षण अभियान एवं जलप्रहरी ने डीएम के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सुझावों/प्रस्तावों का क्रियान्वयन कराने के सम्बन्ध में पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने निम्नलिखित प्रस्ताव दिए है।

 

निजी नलकूप लगाने हेतु एक स्पष्ट नीति शीघ्र बनाई जाये मेरे द्वारा देखा गया है कि कई व्यक्ति बिना अनुमति के अपना निजी नलकूप लगाकर पेयजल अभाव वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल उच्च दरों पर बेचकर अच्छा-खासा धन अर्जित कर रहे हैं जबकि उनके द्वारा सरकार को कोई भी धनराशि टैक्स के रूप में नहीं दी जा रही है। जगह-जगह पर आम जनता द्वारा नीजि नलकूप पेयजल हेतु लगाये जा रहे है. इससे सरकारी नलकूपों के डिस्चार्ज पर प्रभाव पड़ रहा है प टैक्स के रूप में भी इनके द्वारा भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।

 

सरकारी कार्यालय एवं बड़ी-बड़ी व्यवसाय भवनों तथा अपार्टमेन्टी में रेन वॉटर हारवेस्टिंग प्रणाली को पूर्व में सरकार द्वारा अनिवार्य किया जा चुका है, परन्तु शत् प्रतिशत अनुपालन नहीं होने के कारण उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है।

 

नगरीय क्षेत्रों में सड़कों के फुटपाथों को सीमेन्ट से नहीं बनाया जाये ताकि भूजल रिचार्ज हो सर्क। जल संरक्षण का कार्य वैज्ञानिक तरिके से राज्य अंतर्गत कराये जाये, जिसमें कन्दूर फ्रेन्चेस चेक डेम रिचार्ज पिट तथा चाल-खाल का निर्माण कराया जाये।

 

पूर्व में सरकार द्वारा जल संरक्षण कार्य हेतु जलागम परियोजना स्वीकृत की है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि यह कार्य भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया है. जिस कारण धरातल पर इसका कोई प्रभाव कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है।

 

चाल खार का कार्य वन विभाग के माध्यम से कराये जाये क्योंकि वन विभाग द्वारा जो भी कार्य कराये गये है. वह आज भी जल संरक्षण में मददवार रहे है।

 

अकसर भूमिगत केबल, सीवर लाईन व गैस पाईप लाईन व अन्य विभागों द्वारा कराये जा रहे विकास कार्यों के कारण पेयजल लाईने क्षतिग्रस्त कर दी जाती है. लेकिन उसकी मरम्मत तुरन्त न करने के कारण लाखों लीटर पानी सड़कों पर बह जाता है और जनता पेयजल बिना तरस जाती है।

 

कार्यरत निजी संस्थानों व केन्द्रीय विभाग / राजकीय विभागों को सड़क खोदने की स्वीकृति के साथ ही कडे निर्देश जारी किये जाये कि पेयजल की पाईप लाईन लीकेज होने की दशा में लीकेज को तुरन्त ही बन्द किया जाये व जो आदेशो का पालन नहीं करते हैं, तो उसके विरुद्ध आर्थिक दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।

 

सड़कों पर कहीं पर भी यदि पेयजल लाईन लीक कर रही हो तो सम्बन्धित जल संस्थान कार्यदायी संस्था का दूरभाष नं०/मोबाईल नं०/वाट्स नंः सार्वजनिक किया जाये ताकि लीकेज की स्थिति में काई भी आम नागरिक तुरन्त मोबाईल नम्बर पर पेयजल लीकेज की सूबना लोकेशहित दे सके, ताकि विभाग द्वारा लीज को तुरन्त बन्द किया जा सकें।

 

प्राकृतिक श्रोत के मुहाने पर छेड़-छाड़ न करने के भी आदेश जारी किये जायें यदि पानी जनहित में टैप करना अनिवार्य हो ती जलश्रीत से थोड़ी दूरी पर उसे टेप किया जाए ताकि जलश्रोत वित्तुत न हो।

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