मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
अल्मोड़ा Centre for Public Policy and Good Governance (CPPGG), उत्तराखंड द्वारा अल्मोड़ा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने Him Village Eprahari Foundation के संस्थापक सुमित सिंह को प्रतिष्ठित “SDG Young Achiever Award 2024-25″ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उन्हें सतत विकास लक्ष्य 13 – जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में हिमालयी अंचल में किए जा रहे उल्लेखनीय पर्यावरणीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
पहाड़ी गाँवों में कचरा प्रबंधन की गंभीर समस्या
हिमालयी क्षेत्रों के दूरस्थ गाँवों में उचित कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अभाव एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बन चुकी है। उचित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण प्रायः कचरे को जला देते हैं अथवा जंगलों में फेंक देते हैं, जिससे वन क्षेत्रों और पर्यावरण को भारी क्षति पहुँचती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान हेतु सुमित सिंह और उनकी युवा टीम निरंतर प्रयासरत है।
शून्य अपशिष्ट ग्राम पहल” बनी प्रेरणा का स्रोत
Him Village Eprahari Foundation द्वारा विकसित सामुदायिक आधारित Zero Waste Village Initiative Model को राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित गंगा भोगपुर ग्राम में क्रियान्वित किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत अब तक लगभग दस हजार किलोग्राम कचरे का संग्रहण एवं वैज्ञानिक विधि से निपटान किया जा चुका है।
इस मॉडल का उद्देश्य संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र के लिए एक ऐसी स्थानीय एवं टिकाऊ कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है, जो पहाड़ी गाँवों की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप हो। संस्था की टीम ने Waste to Wonderऔर Waste Our Digital Initiatives जैसे प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार भी प्रारंभ किए हैं।
IIT रुड़की और पारुल विश्वविद्यालय ने किया स्थलीय दौरा
इस अनूठी पहल को देशभर के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सराहा जा रहा है। IIT रुड़की और पारुल विश्वविद्यालय की शोध टीमें इस मॉडल का स्थलीय भ्रमण कर चुकी हैं और इसे हिमालयी क्षेत्रों के लिए एक अनुकरणीय एवं प्रेरणादायक मॉडल माना जा रहा है। सुमित सिंह के नेतृत्व में उनके अनेक युवा सहयोगी भी इस पर्यावरण अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
