भारी बारिश का खतरा: पर्वतीय जिलों में अलर्ट, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

­देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्यभर में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। शुक्रवार को ज्यादातर जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की बात कही गई है, जबकि देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, टिहरी, बागेश्वर और हरिद्वार जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

वहीं उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में येलो अलर्ट लागू किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ सफर करने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। वहीं यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वह अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका अधिक रहती है। इसके अलावा मैदानी जिलों में नदी-नालों के उफान से बाढ़ जैसे हालात भी बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।­

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