मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून: जामिअत उलमा-ए-हिंद (JUH) ने असम में मुसलमानों के बड़े पैमाने पर विस्थापन और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के भड़काऊ बयानों को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
संगठन की कार्यकारिणी समिति ने बुधवार को आयोजित बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर असम के मुख्यमंत्री को तत्काल पद से हटाने और उनके खिलाफ़ हेट स्पीच क़ानून के तहत कार्रवाई की माँग की।
बैठक की अध्यक्षता जामिअत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने की, जिसमें देशभर से सदस्य और प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े। जामिअत ने कहा कि हालिया बेदखली अभियानों से असम में 50 हज़ार से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं, और अब तक हर विस्थापित परिवार मुस्लिम समुदाय से है।
संगठन ने सरमा के हालिया बयान “हम सिर्फ़ मियाँ मुसलमानों को हटा रहे हैं” को खुले तौर पर सांप्रदायिक पक्षपात का प्रमाण बताया और इसे अमानवीय, असंवैधानिक व भेदभावपूर्ण कार्रवाई करार दिया।
जामिअत की मुख्य माँगें
विस्थापित परिवारों का तत्काल पुनर्वास और वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए।
किसी भी बेदखली से पहले निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए।
सरकारी अधिकारियों को भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान देने से रोका जाए।
