मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के नतीजों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। जहां पार्टी नेतृत्व इसे जीत का जश्न बता रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर कई बड़े नेताओं और उनके परिजनों की हार ने बीजेपी की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस ने इन नतीजों को जनता का बदलाव की ओर झुकाव बताते हुए एक विस्तृत सूची जारी की है, जिसमें उन बीजेपी नेताओं का जिक्र है जिनके रिश्तेदार चुनावी मैदान में पराजित हुए हैं। कांग्रेस का दावा है कि ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाले साबित होंगे।
बीजेपी के लिए चिंता की वजह बने ये चुनावी झटके
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का गृह जिला चमोली पार्टी के हाथ से निकल गया।उत्तरकाशी में पूर्व विधायक मालचंद की पुत्री और पूर्व जिला अध्यक्ष सत्येंद्र राणा हार गए।
टिहरी में पूर्व प्रमुख नीलम बिष्ट और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कंचन गुनसोला की बहू को शिकस्त मिली।विधायक शक्ति लाल शाह का दामाद, पौड़ी से विधायक दिलीप रावत की पत्नी, और नैनीताल से विधायक सरिता आर्या के पुत्र भी चुनाव नहीं जीत पाए।
चंपावत में पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की बेटी, पूर्व प्रमुख लक्ष्मण सिंह का बेटा, भतीजा और दो बहुएं भी चुनाव हार गईं। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा, बीजेपी की आतिशबाजी इस बात का ढोंग है कि पार्टी खुद अपनी हार को छुपाना चाह रही है। जनता अब परिवर्तन चाहती है।
बीजेपी ने दी सफाई
बीजेपी विधायक खजान दास ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए कहा, चुनाव में हार-जीत होती रहती है। बीजेपी एक समुद्र है, इस समुद्र से एक लोटा पानी निकाल भी दिया तो पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता। बताया कि कुछ उम्मीदवारों की हार से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ता।
