मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादूनः आज पंडित जवाहर लाल नेहरु जी की पुण्यतिथि पर राजपुर रोड स्थित मुख्यालय पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आज कार्यकर्ताओं ने नम आँखों से अपने दिवंगत नेता को याद किया।
महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने पंडित जवाहर लाल नेहरु को याद करते हुए कहा कि पंडित नेहरू ने देश की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वो भारत के पहले प्रधानमंत्री बने,पंडित नेहरू शुरू से ही गांधीजी से प्रभावित रहे और 1912 में कांग्रेस से जुड़े। 1920 के प्रतापगढ़ के पहले किसान मोर्चे को संगठित करने का श्रेय उन्हीं को जाता है। 1928 में लखनऊ में साइमन कमीशन के विरोध में नेहरू घायल हुए और 1930 के नमक आंदोलन में गिरफ्तार हुए। उन्होंने 6 माह जेल काटी। 1935 में अलमोड़ा जेल में ‘आत्मकथा’ लिखी।पंडित नेहरू ने कुल 9 बार जेल गए,नेहरू ने पंचशील का सिद्धांत प्रतिपादित किया और 1954 में ‘भारत रत्न’ से अलंकृत हुए। नेहरूजी ने तटस्थ राष्ट्रों को संगठित किया और उनका नेतृत्व किया। नेहरू युग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा क्षेत्र का विकास रही। नेहरू यह मानते थे कि भारत की समस्याओं के समाधान के लिए विज्ञान और तकनीक का विकास अति महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नेहरू परमाणु ऊर्जा के महत्व को बखूबी समझते थे और उसके दूरगामी प्रभाव से भी परिचित थे। इसलिए उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र को बहुत महत्व दिया। 1948 में भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना की और इसके अध्यक्ष प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा बनाए गए। शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा विकसित करने के लिए यह आयोग वैज्ञानिक अनुसंधान विभाग के तहत बनाया गया जो सीधे नेहरू के निर्देशन में काम करता था। भारत का पहला परमाणु रिएक्टर जो एशिया का भी पहला रिएक्टर था ने मुंबई में अगस्त 1956 में काम करना शुरू कर दिया। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया जिसके माध्यम से देश की आधारभूत संरचना का विकास किया जा सकता था। आज पूरा देश पंडित जी को उनकी दूरदर्शिता के लिए याद करता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, मंजू त्रिपाठी,अनिल गुप्ता, वंदना राही महानगर अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग लक्की राणा, हरिंदर सिंह बेदी, वीरेंद्र पंवार, नितेश राजोरिया, विकास ठाकुर, मंजू त्रिपाठी,प्रवीण भारद्वाज, सूरज छेत्री, अशोक कुमार, सावित्री थापा, मंजू, विजय गुप्ता, अनुराधा तिवारी आदि पदाधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।
