मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादूनः शहर में तेज ध्वनि वाले प्रेशर हॉर्न के कारण बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले में एसपी ट्रैफिक देहरादून को बोर्ड द्वारा कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए गए। शहर में तेज ध्वनि वाले प्रेशर हॉर्न के कारण आमजन, स्कूली बच्चों एवं बुजुर्गों को हो रही समस्याओं एवं उत्पन्न हो रहे ध्वनि प्रदूषण के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शिकायत की गई थी। कि शहर में आए दिन तेजी से बढ़ता जा रहा है ध्वनि प्रदूषण, तेज ध्वनि वाले प्रेशर हॉर्न के कारण बच्चों, बुजुर्गों व दिल के मरीजों को दिक्कतें होती है।
मेहूंवाला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद आशिक ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शहर में प्रेशर हॉर्न के कारण बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि शहर में इन दोनों छोटे बड़े वाहनों में तेज बजने वाले प्रेशर हॉर्न का उपयोग किया जा रहा है। जिसके चलते सड़कों से गुजर रहे छोटे-छोटे स्कूली बच्चों व बुजुर्गों में काफी भय बना रहता है। वाहनों में लगाए गए ये तेज ध्वनि वाले हॉर्न इतने कानफोडू होते हैं कि लोग बहरापन समेत दिल की बीमारी का शिकार हो सकते हैं। वाहन चालक बिना किसी रोक-टोक के कहीं भी किसी भी जगह लगातार ये प्रेशर हार्न बजाते रहते हैं। जिससे रोग ग्रसित व्यक्ति का मानसिक संतुलन तक खराब हो सकता है। कई बार तो वाहनों के एकाएक प्रेशर हार्न बजाने से लोग भय से उछलकर बेहोश या दुर्घटना के शिकार भी हो गए हैं। एवं शहर में मुख्य मार्गों पर विभिन्न जगह अस्पताल, छात्रावास, कॉलेज तथा स्कूल आदि भी है। ऐसे में वाहनों के तेज ध्वनि वाले प्रेशर हॉर्न के कारण अस्पताल में मरीज भी परेशान हो जाते हैं। तथा पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
इसके बावजूद भी वाहन चालकों के ऊपर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। वाहनों के अत्यधिक तेज आवाज वाले हॉर्न जनता के लिए अत्यंत घातक साबित हो रहे हैं। तथा इससे मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है। इससे न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस ध्वनि प्रदूषण से सिर्फ मानव जाति को ही हानि नहीं पहुंचती बल्कि पशुओं तथा पक्षियों को भी इससे काफी नुकसान होता है। वाहनों चालकों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहे अत्यधिक तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न का सीधा प्रभाव हमारे कानों पर पड़ता है।
जिससे कान का पर्दा फटने का भी डर रहता है। तथा इससे बहरेपन की समस्या भी उत्पन्न होती है।
इसीलिए वाहनों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहे तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न के कारण जनता को बहुत कठिनाइयां एवं परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही वाहनों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहे अत्यधिक तेज आवाज प्रेशर हॉर्न हृदय के मरीजों के लिए भी काफी हानिकारक एवं घातक है।
इसे हृदय के मरीजों को काफी दिक्कतें एवं परेशानियां होती है। एवं ध्वनि प्रदूषण भी उत्पन्न होता है।
जो कि हमारे पर्यावरण के लिए बहुत ही हानिकारक व घातक है। वाहनों की तेज ध्वनि वाले हॉर्न से उत्पन्न हो रहा ये ध्वनि प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। यह ध्वनि प्रदूषण जनता/शहर वासियों के लिए एक बड़ी समस्या व चुनौती बन चुका है। तेज ध्वनि वाले प्रेशर हॉर्न वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
अतः तेज ध्वनि वाले प्रेशर हॉर्न वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु शीघ्र ही एक विशेष अभियान चलाया जाए। एवं नियमित रूप से प्रेशर हॉर्न की जांच की जाए। एवं तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
जिसके बाद मेरी इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी श्री अमित पोखरियाल ने एसपी ट्रैफिक
