राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश पहुंची महिला आयोग अध्यक्ष, नवजात व पीड़िता की देखभाल के दिए निर्देश

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

शनिवार की रोज एक नाबालिग लड़की द्वारा नवजात शिशु के जन्म देने के मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मामले में राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश पहुंचकर नाबालिग लड़की के परिजनों से मिलकर ली जानकारी और उन्होंने चिकित्सालय प्रशासन से नाबालिग व नवजात के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए नवजात व पीड़िता की पूर्ण देखभाल व उचित उपचार के निर्देश दिए है।

उन्होंने मामले में एसओ रानीपोखरी से मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए है जिसपर एसओ ने बताया कि राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश प्रशासन की ओर से एक सूचना भेजी गयी जिस में बताया गया कि चिकित्सालय में रानीपोखरी क्षेत्र की एक नाबालिग ने नवजात शिशु को जन्म दिया है

मामले की जांच करने के लिए महिला उप निरीक्षक को चिकित्सालय भेजा गया जिस पर नाबालिग लड़की से पूछताछ और आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद पता चला कि घटना रानीपोखरी थाने क्षेत्र की है जिस पर पोक्सो अधिनियम और दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा आरोपी लड़का फरार है जो कि स्वयं खुद भी नाबालिग है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर बाल स्वधार गृह में भेजा जाएगा।

मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट से फोन पर वार्ता करते हुए नवजात की देखभाल व सुरक्षा के लिए सीडब्ल्यूसी की टीम को भेजने के लिए निर्देशित किया है।

जिस पर सीडब्ल्यूसी की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता को बच्चे के पालन न कर पाने की स्तिथि में उसके उपचार व देखरेख के लिए राजकीय शिशु सदन में रखने के लिए प्रस्ताव दिया है। जिसके लिए कार्रवाई की जा रही है।

175 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *