जमीन के नाम पर 10 लाख 30 हजार रुपये की चपत! पैसे मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी! जमीन धोखाधड़ी मामले में FIR की मांग

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। गढ़ी कैंट थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चुक्खूवाला निवासी नितिन मदनलाल ने जामुनवाला निवासी कमल सिंह धामी और उनके बेटे हिमांशु धामी पर फर्जी जमीन दिखाकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने गढ़ी कैंट थाने में शिकायत देकर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

पीड़ित के मुताबिक, 8 नवंबर 2023 को उसने कमल सिंह धामी से मौजा घेघोड़ा में 75 वर्ग गज जमीन खरीदी थी। इस सौदे की बातचीत कमल सिंह के बेटे हिमांशु धामी के माध्यम से हुई थी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए कुल 9 लाख 80 हजार रुपये बैंक खाते के जरिए भुगतान किए गए, जबकि 20 हजार रुपये नकद भी दिए गए। इसके बाद रजिस्ट्री पीड़ित के नाम कर दी गई।

पीड़ित का आरोप है कि जमीन पर कब्जा मिलने के बावजूद जब उसने दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया तो करीब एक साल तक तहसील के चक्कर काटने पड़े। आखिरकार अधिवक्ता के माध्यम से पता चला कि विक्रेता के हिस्से में जमीन का पर्याप्त रकबा शेष ही नहीं था और पहले ही अपने हिस्से से अधिक जमीन बेची जा चुकी थी। इसी वजह से दाखिल-खारिज निरस्त हो गई।

नितिन का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो हिमांशु धामी ने पैसे लौटाने या दूसरी जमीन देने का आश्वासन दिया, लेकिन वर्ष 2024 से लगातार उसे अलग-अलग जमीनें दिखाई जाती रहीं। पीड़ित का दावा है कि अब तक करीब 40 रजिस्ट्रियां दिखाई जा चुकी हैं, लेकिन हर बार जमीन में कोई न कोई कमी या गड़बड़ी सामने आई। आरोप है कि कुछ जमीनें मौके पर मौजूद नहीं थीं तो कुछ पर रास्ते की समस्या थी, जबकि कई जमीनों का मालिकाना हक भी आरोपी के पास नहीं था।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पैसे वापस मांगने पर हिमांशु धामी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और खुद को सुराज सेवा दल का पदाधिकारी बताते हुए पुलिस से न डरने की बात कही।

फिलहाल पीड़ित ने पुलिस से दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई करने, अपनी रकम वापस दिलाने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर आरोपियों का पक्ष सामने नहीं आया है।

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