पिरान कलियर शरीफ: आस्था, सूफी परंपरा और भाईचारे की ऐतिहासिक पहचान

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

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वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

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वनों को अग्नि से सुरक्षा

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

पिरान कलियर, हरिद्वार।

रिपोर्ट शाहनवाज खान

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में रुड़की के पास स्थित पिरान कलियर शरीफ देश-विदेश के जायरीन के लिए आस्था और आध्यात्मिकता का प्रमुख केंद्र है। 13वीं शताब्दी के महान सूफी संत हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कलियरी, जिन्हें श्रद्धालु साबिर पाक और साबिर पिया के नाम से भी पुकारते हैं, की दरगाह यहां स्थित है। हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर चादर और फूल पेश करते हैं और अपनी मन्नतों के लिए दुआ करते हैं।

सूफी परंपरा की ऐतिहासिक विरासत:

पिरान कलियर शरीफ का इतिहास महान सूफी संत हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कलियरी से जुड़ा है। उन्हें चिश्ती सूफी परंपरा के प्रमुख संतों में गिना जाता है और वे महान सूफी संत बाबा फरीद की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े माने जाते हैं। सदियों से यह स्थान प्रेम, इंसानियत, सेवा और भाईचारे के संदेश का केंद्र रहा है।

हर धर्म के लोगों की आस्था:

पिरान कलियर शरीफ की खासियत यहां दिखाई देने वाला धार्मिक और सामाजिक सौहार्द है। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग यहां पहुंचते हैं, दरगाह पर चादर और फूल पेश करते हैं और अपनी मन्नतों के लिए दुआ करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले जायरीन इस स्थान की साझा आस्था को दर्शाते हैं।

रुड़की और हरिद्वार के बीच प्रमुख धार्मिक स्थल:

पिरान कलियर शरीफ हरिद्वार जिले में स्थित है। यह रुड़की से करीब 6 किलोमीटर और हरिद्वार शहर से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर है। सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

उर्स के दौरान उमड़ता है जायरीन का सैलाब:

दरगाह शरीफ में हर साल इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रबीउल अव्वल के महीने में सालाना उर्स का आयोजन होता है। उर्स के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचते हैं। इस दौरान दरगाह परिसर और आसपास का क्षेत्र चादरपोशी, कव्वाली और धार्मिक कार्यक्रमों से गुलजार नजर आता है।

आस्था के साथ भाईचारे का संदेश:

पिरान कलियर शरीफ सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उत्तराखंड की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की भी महत्वपूर्ण पहचान माना जाता है। यहां आने वाले जायरीन के लिए यह स्थान श्रद्धा, उम्मीद, दुआ और इंसानियत के संदेश से जुड़ा हुआ है।

आउट्रो:

सूफी संत हजरत साबिर पाक की दरगाह सदियों से लोगों को प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देती आ रही है। यही वजह है कि पिरान कलियर शरीफ आज भी करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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