पिरान कलियर दरगाह के ठेके पर बवाल: टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल, मानवाधिकार आयोग पहुंची शिकायत

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

पिरान कलियर दरगाह के ठेके पर उठा विवाद, मानवाधिकार आयोग पहुंची शिकायत

सिरमाल अफ्लातून ठेके की टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल, गरीब दुकानदारों की शिकायतों की अनदेखी का आरोप

पारदर्शी जांच, नई टेंडर प्रक्रिया और कथित अवैध फ्रेंचाइजी दुकानों पर कार्रवाई की मांग

पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान कलियर में सीरमाल-अफ्लातून ठेके को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ठेके की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ठेके से जुड़े मामले में संबंधित अधिकारियों द्वारा पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। वहीं, स्थानीय गरीब दुकानदारों की ओर से पूर्व में दिए गए शिकायती पत्रों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया है।

गरीब दुकानदारों की शिकायतों की अनदेखी क्यों?

शिकायत में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि यदि छोटे और गरीब दुकानदारों ने अपनी समस्याओं को लेकर लिखित शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखी थीं, तो उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई? शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

तुगलकी आदेश पर भी सवाल

मामले में कथित तौर पर जारी किए गए आदेशों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऐसे आदेशों से स्थानीय दुकानदारों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई गई है।

कथित फ्रेंचाइजी दुकानों पर कार्रवाई की मांग

शिकायत में कुछ दुकानों को कथित तौर पर फ्रेंचाइजी के माध्यम से संचालित किए जाने और ऐसी दुकानों की वैधता की जांच की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि किसी दुकान का संचालन नियमों और स्वीकृत प्रक्रिया के विपरीत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

नई टेंडर प्रक्रिया की उठी मांग

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए। यदि वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो उसे निरस्त कर नियमों के तहत नई और निष्पक्ष टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसी भी दुकानदार के साथ भेदभाव न हो।

अब देखना यह होगा कि मानवाधिकार आयोग की शिकायत पर संबंधित विभाग और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और सीरमाल-अफ्लातून ठेके की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच किस स्तर तक पहुंचती है।

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