बैड की कमी, दवाओं का संकट और गंदगी; दून अस्पताल की बदहाली पर AAP ने सरकार को घेरा

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

AAP ने किया राजधानी के सबसे बड़े दून अस्पताल का दौरा, जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रदेश सरकार को घेरा

देहरादून।

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड ने प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पाण्डेय के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने आज राजधानी देहरादून के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल – दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक दौरा किया। दौरे के दौरान अस्पताल में मरीजों को मिल रही बदहाल सुविधाओं को देखकर AAP ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने वार्ड, OPD, इमरजेंसी और शौचालयों का निरीक्षण किया। और देखा की,पर्याप्त मात्रा में बेड  ना होने से वार्डों में फर्श पर मरीज लेटे हुए पाए गए तथा मरीजों को स्ट्रेचर और ट्रॉली के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

दवाओं की  कमी होने पर डॉक्टर पर्ची पर महंगी दवाएं बाहर से लाने को लिख रहे हैं। गरीब मरीज इलाज बीच में ही छोड़ने को मजबूर हैं।

स्टाफ की कमी के कारण नर्स और डॉक्टर मरीजों के अनुपात में बेहद कम हैं। इमरजेंसी में एक डॉक्टर पर 50 से ज्यादा मरीज मिले।

सफाई व्यवस्था  के नाम पर शौचालयों में गंदगी, बदबू और पानी की कमी। संक्रमण का खतरा साफ दिख रहा है।

दौरे के बाद मीडिया से बात करते हुए AAP नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार “डबल इंजन” का ढोल तो पीट रही है, लेकिन राजधानी का सबसे बड़ा अस्पताल ही बीमार पड़ा है। करोड़ों के बजट के बावजूद मात्र एक mri मशीन ही सरकार उपलब्ध करवा पाई है जिस पर लगभग 250 से 300 मरीजों का बोझ है।

वही आर्थोपेटिक के मरीजों में लगभग 90 प्रतिशत मरीज सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे हैं।

वहीं अगर अस्पताल में कोई अग्नि कांड जैसी अप्रिय घटना हो जाए जैसा कि पूर्व में एक नजी अस्पताल में हो चुकी है तो स्वास्थ विभाग द्वारा जो उपकरण लगाए गए हैं वह भी अपनी उमर पूरी कर चुके हैं।

मरीजों को यदि बुनियादी सुविधा नहीं मिल पा रही है तो यह सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति संवेदनहीनता का जीता-जागता सबूत है।

पार्टी के प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पाण्डेय ने कहा की दून अस्पताल में तुरंत अतिरिक्त बेड, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती हो। सभी जरूरी दवाएं अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं। बाहर से दवा लिखने की प्रथा बंद हो।अस्पताल की सफाई और रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई हो।

हर महीने स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक करें।

AAP ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही  स्थिति को नही सुधारा गया।तो पार्टी सरकार के खिलाफ  धरना-प्रदर्शन करेगी। स्वास्थ्य “लाभ” नहीं “अधिकार” है। सरकार को इसे सुनिश्चित करना ही होगा। प्रतिनिधि मंडल में श्याम बाबू पाण्डेय जी के साथ जितेन पंथ, शैलेश तिवारी, वी एन शर्मा वी के बजाज आदि शामिल थे।

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