लखनऊ में गूंजी भाईचारे की आवाज: विश्व संत सम्मान, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में एस्ट्रोलॉजर समीर के मेंटालिज्म ने किया सभी को हैरान

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

लखनऊ। होमटेल होटल में आयोजित विश्व संत सम्मान, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का सफल आयोजन एस्ट्रोलॉजर समीर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ती आपसी नफरत, कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर कर भाईचारे एवं जागरूकता का संदेश देना था।

कार्यक्रम का संचालन मशहूर शायर फारुख नदीम और प्रसिद्ध कवयित्री खुशबू शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुंबई से पधारे महामंडलेश्वर काशीनाथ दास, जयपुर से आए कथावाचक डॉ. कमलेश तिवारी सहित विभिन्न धर्मगुरुओं ने अपने विचार रखे और सामाजिक एकता पर जोर दिया।

मुशायरे और कवि सम्मेलन में विष्णु सक्सेना, इकबाल अशहर, खुर्शीद हैदर, हाशिम फिरोजाबादी, नदीम फारुखी, अख्तर उन्नावी, खालिद सुल्तानपुरी तथा कवयित्री मनिका दुबे समेत कई साहित्यकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एस्ट्रोलॉजर समीर द्वारा प्रस्तुत मेंटालिज्म (माइंड रीडिंग) के प्रयोग रहे। उन्होंने दर्शकों के मन के भाव पढ़कर बताए और एक रोचक प्रयोग में कवयित्री मनिका दुबे के हाथ से बिना छुए पुस्तक को कथावाचक डॉ. कमलेश तिवारी के बैग से प्रकट कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

एस्ट्रोलॉजर समीर ने कहा कि उनका उद्देश्य देशभर के संतों, धर्मगुरुओं और ज्योतिषाचार्यों को मेंटालिज्म की जानकारी देकर तंत्र-मंत्र को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करना है।

कार्यक्रम में मौजूद संतों और अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता, सद्भाव और हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता बताई।

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