“स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं, मरीजों के साथ क्रूर मजाक” — AAP का हमला, 7 दिन में सुधार नहीं तो ‘स्वास्थ्य सत्याग्रह’ की चेतावनी

Spread the love

मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। उत्तराखंड की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में DG हेल्थ कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने DG हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा को ज्ञापन सौंपकर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, दवाओं के अभाव, खराब मशीनों और मरीजों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।

प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि पहाड़ से लेकर मैदान तक सरकारी अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। बेस अस्पतालों में ICU बेड नहीं हैं, PHC में डॉक्टर नहीं हैं और मरीजों को दवा के बजाय केवल पर्चा थमा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए 100 किलोमीटर दूर भेजा जा रहा है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

AAP नेताओं ने देहरादून, हरिद्वार, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के अस्पतालों की स्थिति से जुड़े वीडियो और फोटो DG हेल्थ को दिखाए। उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण नर्सें 24-24 घंटे ड्यूटी करने को मजबूर हैं। करोड़ों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति इतनी खराब है कि डॉक्टर CMO जैसे पदों पर भी पहाड़ जाने से बच रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एम्स सहित राजधानी के दून मेडिकल कॉलेज और कोरोनेशन अस्पताल में भी मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं।

AAP ने मांग की कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के सभी खाली पद तीन महीने के भीतर भरे जाएं। सरकारी अस्पतालों में दवाओं और सर्जिकल सामान की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा बंद पड़ी मशीनों को 15 दिन के भीतर चालू किया जाए। साथ ही हर ब्लॉक स्तर पर 24×7 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एंबुलेंस सेवा की गारंटी दी जाए। स्वास्थ्य बजट और दवा खरीद में संभावित अनियमितताओं की CAG ऑडिट कराने की भी मांग की गई।

प्रदेश अध्यक्षा ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं की गई तो आम आदमी पार्टी प्रदेशभर में “स्वास्थ्य सत्याग्रह” शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के बाहर धरना देकर मरीजों की वास्तविक स्थिति सरकार को दिखाई जाएगी।

DG हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विभाग मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता टैक्स देती है, इसलिए उसे बेहतर इलाज का अधिकार भी मिलना चाहिए। उन्होंने दिल्ली मॉडल की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मोहल्ला क्लीनिक और मुफ्त दवा-जांच व्यवस्था लागू करने की मांग की।

ज्ञापन देने वालों में प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना, डी.एस. कौटिल्य, श्याम बाबू पाण्डेय, सुधा पटवाल, डी.के. पाल, रविंद्र चौधरी, दीप्ति रावत, शैलेश तिवारी, शुभम, जितेन पंथ, सुरेश कुमार, वसीम अंसारी, कमल राणा, सी.पी. सिंह, सोनू राठी, राजीव तोमर सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

46 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *