मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
उत्तराखंड।
18.09.2025 को अभिषेक वैश्य पुत्र स्वः सुबोध कुमार द्वारा मौजा जोहड़ी परगना पछवादून जिला देहरादून में स्थित अपनी निजी भूमि खसरा सं० 432क रकबा 0.73580 व खसरा सं० 434ग रकबा 0.73800 कुल रकबा 1.47380 भूमि में झाडी कटान एवं चार दिवारी / तारबाड़ निर्मित करने की अनुमति हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। प्रश्नगत स्थल का राजस्व विभाग के साथ 09.10.2025 को संयुक्त निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रश्नगत भूमि रायपुर रेंज के आरक्षित वन मालसी कक्ष सं० 1 से लगी हुई है, और घने साल प्रजाति के वृक्षों एवं झाड़ियों से अच्छादित है।
प्रश्नगत भूमि से लगे आरक्षित वन क्षेत्र मालसी कक्ष सं० 1 की सीमा पर सभी सीमा स्तम्भ मौजूद है तथा सुरक्षित है, जिसमें कोई अवैध अतिक्रमण नहीं पाया गया है। कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, मसूरी वन प्रभाग के पत्रांक 13.01.2028 से उक्त प्रार्थना पत्र के कम में प्राथर्थी को अवगत कराया गया कि उक्त भूमि मौके पर वन स्वरूप के रूप में अवस्थित है जिस पर वन संरक्षण अधिनियम 1980 लागू होगा और उक्त भूमि पर बिना भारत सरकार की पूर्व अनुमति से समस्त गैरवानिकी कार्य किये जाने प्रतिबंधित है।
03.04.2026 को उक्त भूमि पर बिना अनुमति के जोहड़ी जाखन मोटर मार्ग से विद्युत विभाग द्वारा विद्युत लगाईन बिछाने का एवं उक्त व्यक्ति द्वारा तारबाड़/फैन्सिंग कार्य किये जाने की सूचना प्राप्त हुई, जिसपर तत्काल कार्यवाही करते हुए प्रश्नगत कार्य को रायपुर रेंज की टीम द्वारा मौके पर जाकर रूकवाया गया।
इसी कम में सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त किये बिना उक्त कार्य को किये जाने पर विद्युत विभाग शाखा राजपुर के अवर अभियन्ता, और अभिषेक वैश्य के विरूद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं वन सरंक्षण अधिनियम 1980 की सुसंगत धाराओं में वन अपराध दर्ज कर दिया गया है। प्रश्नगत स्थल की संयुक्त रूप से निगरानी हेतु राजस्व विभाग, एम०डी०डी०ए० को पत्र प्रेषित किया गया है एवं वन क्षेत्राधिकारी, रायपुर रेंज को भी निगरानी रखने हेतु निर्देश दिये गये है।
आरक्षित वन मालसी का सं० 1 के मध्य स्थित भूमि खसरा सं० 434 के भाग ख, 424, 425, 426, 428, 433ख, 438च आदि का राजस्व खाता विवरण के अनुसार वाद मा० उच्च न्यायालय नैनीताल में रिट पिटिशन सं० 1083/2022 एम०एस० उत्तराखण्ड राज्य बनाम चण्डी प्रसाद भट्ट आदि में अन्तिम निर्णय हेतु विचाराधीन है। अवैध पातन की रोकथाम हेतु नवम्बर 2022 में उक्त क्षेत्र में अवस्थित विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों की गणना वन क्षेत्राधिकारी, रायपुर द्वारा कराई गयी थी, जिसका उक्त प्रकरण के पश्चात् वर्तमान में पुनः सत्यापन रायपुर रेंज की टीम द्वारा करवाया गया है। प्रश्नगत क्षेत्र में किसी प्रकार के अवैध पातन की पुष्टि नही हुई है।

