शादी विवाह,पार्टी, जन्मदिन समारोह व किसी भी प्रकार के प्रोग्राम के लिए चौधरी फॉर्म हाउस आपका स्वागत करता है

अमर रेस्टोरेंट की ओर सभी क्षेत्रवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

न्यू Era एकेडमी में एडमिशन हेतु जल्दी संपर्क करें

मोहित अग्रवाल की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

आशा नौटियाल की ओर सभी प्रदेशवासियों को होली एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

यमुना एसोसिएट की ओर से सभी को होली व ईद की हार्दिक शुभकामनाएं

संजय कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य की ओर से सभी देश व प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

पार्षद अभिषेक पंत की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली व नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

जिला अध्यक्ष मीता सिंह की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

सुमित चौधरी नगर पंचायत अध्यक्ष सेलाकुई की और से सभी नगर एवं प्रदेशवासियों को होली नवरात्रि व बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं

सामाजिक कार्यकर्ता, सतपाल सिंह बुटोला की ओर के सभी क्षेतवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं

पार्षद, संजय सिंघल की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होली एवं बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं

पार्षद, जाहिद अंसारी की ओर से सभी क्षेत्र वासियों को ईद_उल_ फितर बहुत-बहुत मुबारक

आज दिनांक 8 फरवरी 2024 को स्थान जमा मस्जिद पलटन बाजार में शहर काजी उत्तराखंड मुहम्मद अहमद कासमी और इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी की सरपरस्ती में पलटन बाजार जामा मस्जिद में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे शहर के सम्मानित लोगो ने हिस्सा लिया। इस बैठक में यूसीसी पर गहन चर्चा हुई। शहर क़ाज़ी ने कहा की यूसीसी इस्लामी मान्यताओं पर सीधा हमला है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुफ्ती रईस साहब ने कहा की यूसीसी लाकर सरकार एक धर्म के लोगो को खुश करना चाहती है और आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका फायदा उठाना चाहती है। मगर देश और खास तौर पर प्रदेश के लोग इस बहकावे में आने वाले नही है। हम यूसीसी का विरोध करते है और इसके विरुद्ध लड़ाई लड़ी जाएगी। इस अवसर पर मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा की भारत सरकार द्वारा 2016 में लॉ कमीशन का गठन किया गया था। लॉ कमीशन ने कहा की यूसीसी की कोई जरूरत इस देश को नहीं है। इसके बाद 2023 में दूसरे लॉ कमीशन का गठन किया गया जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। तो सरकार की ऐसी क्या मजबूरी थी जो सरकार इतनी जल्दी यूसीसी ले आई और उसे विधानसभा से पास करा लिया। हम इसका विरोध करते हैं। इस अवसर पर मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष आकिब कुरेशी ने कहा की यूसीसी इस्लामी कानून पर हमले की साजिश है।
यूसीसी कमिटी में किसी इस्लामिक विद्वान का ना लिया जाना इसकी सार्थकता एवं मंशा पर प्रश्नचिन्ह है। आकिब कुरेशी ने आगे कहा ये कानून केंद्रीय कानूनों से टकराता है जिसके लिए संविधान के जानकारों से राय ली जा रही है। इस कानून का विरोध के लिए दिनांक 11 फरवरी 2024 को 10 बजे स्थान धामवाला मस्जिद में शरीयत बचाओ शीर्षक से एक अहम बैठक प्रतावित है। इस बैठक में किस तरह संवैधानिक तरीके से यूसीसी का विरोध किया जाए उसकी रणनीति बनाई जाएगी।