थानों मस्जिद के म्यूटेशन निरस्तीकरण पर मुस्लिम सेवा संगठन ने उठाए सवाल, जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। थानों स्थित जामा मस्जिद से संबंधित भूमि के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) को तहसीलदार डोईवाला द्वारा निरस्त किए जाने के मामले में मुस्लिम सेवा संगठन ने जिलाधिकारी देहरादून से निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित आदेश की समीक्षा किए जाने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि उपलब्ध आदेश के अनुसार तहसीलदार डोईवाला द्वारा 10 मार्च 2026 को मस्जिद से संबंधित दाखिल-खारिज को निरस्त किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में मस्जिद पक्ष को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिए बिना एकपक्षीय निर्णय लिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि थानों मस्जिद के म्यूटेशन को निरस्त करने का आदेश गंभीर विषय है। उनका कहना है कि किसी भी राजस्व मामले में सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि प्रक्रिया में कोई कमी पाई जाती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की मांग की।

वहीं, संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि संगठन किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहा है। उनकी मांग है कि थानों मस्जिद से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड और म्यूटेशन के मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। यदि मस्जिद पक्ष को पर्याप्त सुनवाई का अवसर नहीं मिला है तो उसे अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए।

मुस्लिम सेवा संगठन ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी एवं संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखेगा और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करता है।

ज्ञापन देने वालों में मुफ़्ती बुरहानुद्दीन, नाज़िम खान, नाज़िम ज़ैदी, कलीम शेख, साकिब कुरैशी, खुर्शीद अहमद, मुहम्मद इरशाद, कैफ खान, साद मिर्ज़ा, अब्दुल रहमान आदि मौजूद रहे।

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