मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
MDDA में बड़ा एक्शन! 399 फाइलें फिर खुलेंगी, ऑनलाइन मैप अप्रूवल में होगा सुधार
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) में ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने ऑनलाइन प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों का तत्काल समाधान करने और इनके कारण आवेदकों को होने वाली अनावश्यक परेशानी को दूर करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली में तकनीकी त्रुटियों के कारण स्वतः निरस्त अथवा स्वीकृत हुई 399 पत्रावलियों को दोबारा प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन पत्रावलियों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके साथ ही डुप्लीकेट पत्रावली की समस्या का स्थायी समाधान करने और प्राधिकरण के महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए Secure Server और Regular Backup System विकसित किया जाएगा। डिजिटल अभिलेखों को एकीकृत कर आवश्यक जानकारी तेजी से उपलब्ध कराने के लिए AI Based System विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जाएगा।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रतिदिन की वित्तीय प्रविष्टियों का उसी दिन मिलान किया जाए और लंबित वित्तीय विवरणों को तत्काल अपडेट किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि तकनीकी खामियों का प्रभाव आवेदकों पर नहीं पड़ना चाहिए। Map Approval Process को अधिक सरल, पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आवेदकों को अनावश्यक कार्यालयी परेशानी का सामना न करना पड़े।

