मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। शिवालिक यूनिवर्सिटी, देहरादून में गणितीय मॉडलिंग, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस तकनीकों एवं नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित छठवीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस MMCITRE-2026 का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री एवं मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के अनेक शोधकर्ता, शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर ए. के. उनियाल तथा आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर जे. बाला सुब्रमण्यम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शिवालिक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष अजय कुमार एवं कुलपति डॉ. संजीव कुमार भल्ला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने अपने संबोधन में उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुई विभिन्न उपलब्धियों और राज्य सरकार द्वारा शिक्षा एवं शोध को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं को अपने विचार साझा करने तथा नई तकनीकों और शोध संभावनाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
शिवालिक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष अजय कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अकादमिक गतिविधियों, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए ज्ञान-विस्तार तथा वैश्विक स्तर पर अकादमिक सहयोग विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव कुमार भल्ला ने अपने संबोधन में शोध-आधारित शिक्षा, अंतर्विषयक अनुसंधान तथा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गणितीय मॉडलिंग, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र वर्तमान समय में वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे सम्मेलन शोधकर्ताओं को अपने नवीन विचारों और शोध निष्कर्षों को साझा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए नए शोध अवसर तलाशने का मंच प्रदान करते हैं।
यह अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। इसके अंतर्गत देश-विदेश के शोधकर्ता गणितीय मॉडलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस तकनीकों तथा नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से समकालीन वैज्ञानिक चुनौतियों, नवीन शोध प्रवृत्तियों और सतत विकास की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में संयोजक डॉ. उमेश चंद गुप्ता एवं डॉ. मनोज साहनी तथा सह-संयोजक डॉ. सहदेव, डीन रिसर्च डॉ. संतोष जोशी तथा डीन एकेडमिक्स डॉ. सुरमधुरपंत सहित अन्य शिक्षाविद् एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देना, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।
शिवालिक यूनिवर्सिटी में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में सार्थक योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
