उत्तराखंडः सीनियर IFS अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, युवती से छेड़छाड़ सहित लगे गंभीर आरोप

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

अधीनस्थ महिला कर्मचारी से छेड़खानी के आरोप में वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं उनकी जगह मुख्य वन संरक्षक डॉ पराग मधुकर धकाते को अहम जिम्मेदारी मिली है। सदस्य सचिव, उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, देहरादून काअतिरिक्त प्रभार मिला है। डॉ धकाते वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी की जिम्मेदारी पूर्व की तरह संभालते रहेंगे।

बता दें कि जूनियर रिसर्च फेलोशिप रही इस महिला के आरोपों के बाद पटनायक को पिछले दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव के पद से हटा दिया गया था। घटना कार्यालय में हुई थी तो इसमें पहले विशाखा कमेटी के तहत जांच की गई थी।एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मुकदमा राजपुर थाने में दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप था कि पटनायक के पिता का देहांत हो गया था। इस पर वह गत 24 जनवरी को उनके कार्यालय में उन्हें ढांढस बंधाने गई थीं। आरोप है कि इस दौरान पटनायक उनसे अश्लील हरकतें करने लगे। महिला कर्मचारी उस वक्त दफ्तर से बाहर आ गई।

महिला के अनुसार इसके बाद पटनायक ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर माफी मांगी। अगले 12 मिनट के भीतर उन्हें तीन मैसेज भेजे गए। जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया। लेकिन, उन्होंने इन मैसेज को रिकवर कर लिया। ये मैसेज बहुत ज्यादा अश्लील थे। लेकिन, बाद में पटनायक को जब यह बात पता चली तो उन्होंने अगले दिन महिला पर समझौते का दबाव बनाया। धन देने का भी प्रस्ताव भेजा गया।
यही नहीं बोर्ड के एक अधिकारी को भी महिला के पास भेजकर उन्हें समझौते के लिए कहा गया। महिला ने इस बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली।

पटनायक के किसी भी झांसे में पीड़िता नहीं आई। पीड़िता दबाव में नहीं आई तो बोर्ड कार्यालय में भी जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद सरकार ने आरोपी सुशांत पटनायक को पद से हटा दिया। अब महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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