उत्तराखंड सचिवालय सेवा से जुड़ी स्थानांतरण पॉलिसी 2025 विवादों में घिरी, उठे ये सवाल

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून: सचिवालय सेवा से जुड़ी स्थानांतरण पॉलिसी 2025 विवादों में घिरती जा रही है. पहले निजी संवर्ग को पॉलिसी से बाहर रखने का मामला आया तो अब सचिवालय कर्मियों ने ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. खास बात यह है कि स्थानांतरण पॉलिसी के अंतर्गत 31 जुलाई तक तबादले होने चाहिए लेकिन अंतिम दिन तक भी किसी बड़ी सूची के आने की उम्मीद नहीं दिख रही है.

 

स्थानांतरण पॉलिसी 2025 के अंतर्गत सचिवालय सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला वार्षिक स्थानांतरण के रूप में 31 जुलाई तक होना तय किया गया है, लेकिन अंतिम दिन तक भी सचिवालय सेवा के वार्षिक स्थानांतरण पर कोई तबादला सूची सामने नहीं आई है.

 

खास बात ये है कि हाल ही में ये पॉलिसी लागू की गई है. जिसके बाद सचिवालय में स्थानांतरण पारदर्शी होने की उम्मीद लगाई जा रही थी, लेकिन पॉलिसी सामने आते ही इसपर विवाद शुरू हो गया है.सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष ने मामले पर बड़े सवाल खड़े करते हुए पॉलिसी में कई खामियां बताई हैं. पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया ना तो पॉलिसी तैयार करते समय कर्मचारी प्रतिनिधियों से कोई बात हुई और ना ही इसे ठीक से बनाया गया है.

 

मामले में अधिकारी, कर्मचारियों की अधिकतम सेवा का तो जिक्र किया गया लेकिन न्यूनतम सेवा क्या होगी इस पर कोई नियम तय नहीं किया है. उन्होंने कहा सबसे पहले सचिवालय प्रशासन से ही इस पॉलिसी पर काम होना चाहिए. दीपक जोशी ने इसको लेकर मुख्य सचिव और सचिव सचिवालय प्रशासन को भी पत्र लिखा है.

 

सचिवालय में ऐसे कई कर्मचारी और अधिकारी हैं जो पिछले कई सालों से एक ही जिम्मेदारी पर बने हुए हैं, जाहिर है कि ऐसे ही कर्मचारियों और अधिकारियों को देखते हुए स्थानांतरण पॉलिसी में नियमों को अधिकतम सीमा के लिए तय किया गया है. हालांकि, 31 जुलाई तक भी सचिवालय प्रशासन वार्षिक स्थानांतरण के रूप में ऐसे कर्मचारियों के तबादले नहीं कर पाया है.

 

पॉलिसी में स्पष्ट है कि A कैटिगरी के अफसरों के तबादले के लिए मुख्य सचिव एक कमिटी गठित करेंगे. CS के अनुमोदन के बाद ही तबादले किए जा सकेंगे, लेकिन अबतक ऐसी कोई प्रक्रिया चलती नहीं दिखी है. उधर हाल ही में कुछ अनुभाग अधिकारियों के तबादलों से भी सवाल उठे हैं कि आखिर इनके तबादलों को वार्षिक स्थानांतरण से हटकर कैसे कर दिया गया.

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