मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून : टिहरी गढ़वाल तहसील नैनबाग़ और उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में स्टोन क्रेशर को लेकर आर एल डी ने गंभीर आरोप लगाए है। मामले में राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधि मण्डल ने प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव IFS रंजन कुमार मिश्रा से भेंट कर मामले में कार्यवाही की मांग की है।
आरोप है कि बेनोग वन्य जीव अभ्यारण और गोविन्द पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव अभ्यारण के नजदीकी स्थापित कर नियम विरुद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान जहां माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बाघ संरक्षण योजना और हिमालय के दाढ़ी वाले गिद्ध का बसेरा है,
नियम अनुसार 10 किलोमीटर की परिधि के अंदर इस तरह के किसी भी कार्यव्यवसाय को अनुमति नहीं मिल सकती है परंतु यहाँ स्टोन क्रेशर अभ्यारण से कुछ दूरी पर ही स्थापित कर चलाए जा रहे हैं। जो कानूनी रूप से तो गलत है परंतु वन्य जीवों के लिए भी घातक साबित हो सकते है।
उक्त प्रकरण में रालोद प्रदेश महासचिव उदयवीर सिंह चहल के नेतृत्व में आरएलडी का प्रतिनिधिमंडल आईएफएससी रंजन कुमार मिश्रा से मिला, और चहल ने प्रमुख वन संरक्षक को उक्त स्थलों की जानकारी देते हुए चेताया कि जल्द से जल्द “शिव स्टोन क्रेशर प्लांट एवं रेणुका स्टोन क्रेशर प्लांट” पर सख्त संवैधानिक कार्रवाई अमल में लाएं और इस विषय की जांच हो कि कैसे इनको 10 किलोमीटर परिधि के अंतर्गत DFO ने किस आधार पर अनापत्ति पत्र जारी किया और यदि NOC क्रेशर संचालकों के पास नहीं है तो कैसे नियम विरुद्ध वन जीवों की जिंदगी को खतरे में डालते हुए स्टोन क्रेशर संचालित हो रहे हैं। इसमें शामिल सभी व्यक्तियों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो।”
ऑलरेडी प्रदेश प्रवक्ता व महासचिव अनुपम खत्री ने भी स्पष्ट कहा कि “कोई भी व्यक्ति जिसके कारण उत्तराखंड के जंगल और वन्यजीव खतरे में आये उनको माफ़ नहीं किया जायेगा।
खत्री ने बताया कुछ दिन पहले टिहरी गढ़वाल जिलाधिकारी से मिलकर भी उन्होंने क्रेशर मामले में सुधार पत्र दिया है क्योंकि यह क्रेशर संचालक यमुना व अगलाड़ नदी से अवैध खनन कर प्रदेश को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लगा रहे हैं और उनके स्थापित क्रेशर वन्य जीव और जंगल के लिए भी खतरा बना रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में अनदेखा नहीं किया जा सकता।” प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश सचिव कमलप्रीत अरोड़ा और जिला कार्यकारिणी सदस्य राहुल गहलोत मौजूद रहे।
