मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए चुनावी घमासान के बीच अच्छी खबर है। दिल्ली CM केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी जमानत दे दी है। कोर्ट ने केजरीवाल को एक जून तक अंतरिम जमानत दे दी गई है। जिससे आप पार्टी को बड़ी राहत मिली है। जिससे आप नेताओं में खुशी की लहर है। कोर्ट ने केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करने को कहा है। हालांकि, इस बीच खबर आई थी कि ईडी आज अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर सकती है. सूत्रों की मानें तो ईडी चार्जशीट में अरविंद केजरीवाल को मास्टरमाइंड बता सकती है. साथ ही आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बना सकती है
जमानत देते समय सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डेढ साल तक केजरीवाल को गिरफ्तार नहीं किया गया, 21 दिनों में कुछ नहीं होगा। बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं. इससे पहले गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत के मुद्दे पर हलफनामे के जरिये सुप्रीम कोर्ट में विरोध दर्ज कराया और कहा कि चुनाव में प्रचार करने का अधिकार न तो मौलिक अधिकार है और न ही संवैधानिक. वहीं, अरविंद केजरीवाल की कानूनी टीम ने ईडी द्वारा दाखिल हलफनामे पर आपत्ति जताई है.हालांकि ईडी की सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए अदालत ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी।
बता दें कि ईडी ने अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध किया लेकिन कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल कोई अपराधिक आरोपी नहीं है। ईडी केजरीवाल को अब शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाने की तैयारी थी। ईडी ने कहा था कि ऐसा समझना संभव नहीं होगा कि एक छोटे किसान या व्यापारी का काम किसी उस राजनीतिक नेता के प्रचार से कम महत्वपूर्ण है जो स्वीकार करता है कि वह चुनाव नहीं लड़ रहा है। इसने कहा कि यदि केजरीवाल को उनकी पार्टी के लिए लोकसभा चुनावों में प्रचार करने के लिए एक राजनीतिज्ञ होने के कारण कोई अंतरिम राहत दी जाती है, तो इसमें कोई दो राय नहीं है कि जेल में बंद सभी राजनीतिज्ञ यह दावा करते हुए समान राहत की मांग करेंगे कि वे भी इस श्रेणी में आते हैं।
