मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
आज 24 अक्टूबर 2026 को देहरादून के समर वैली पब्लिक स्कूल में छात्राओं के साथ शिक्षक द्वारा कथित छेड़छाड़ एवं स्कूल के निदेशक द्वारा को छात्रा को डराने धमकाने एवं अभद्र व्यवहार करने के मामले को लेकर आज उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पीसीसी सदस्य एवं प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जाँच, शिकायतकर्ता छात्राओं की सुरक्षा तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की माँग उठाई।
इस अवसर पर विनीत प्रसाद भट्ट ने कहा कि सामने आई जानकारी के अनुसार, 15 छात्राओं द्वारा स्कूल के प्राचार्य को लिखित शिकायत दिए जाने का मामला बेहद गंभीर है। यदि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं ने शिकायत की है, तो स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इस मामले को किसी भी स्तर पर दबाने, शिकायतों की अनदेखी करने अथवा छात्राओं पर दबाव बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
भट्ट ने कहा कि एक छात्रा के परिजनों ने स्कूल निदेशक पर शिकायत के बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, निदेशक ने छात्रा से कहा, “मुझे छूकर दिखाओ, किस प्रकार से शिक्षक ने तुम्हें छुआ?” यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह अत्यंत गंभीर और संवेदनशील विषय है। किसी भी शिकायतकर्ता छात्रा के साथ ऐसा व्यवहार उसकी गरिमा और मानसिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। इसलिए शिक्षक के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष जाँच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा का मंदिर और शिक्षक बच्चों के भविष्य का मार्गदर्शक होता है। अभिभावक अपने बच्चों को इस भरोसे के साथ विद्यालय भेजते हैं कि वहाँ उन्हें शिक्षा के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलेगा। यदि शिक्षण संस्थानों में ही छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगें, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। बेटियों की सुरक्षा केवल स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विनीत प्रसाद भट्ट ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख माँगें रखते हुए कहा कि:
1. 15 छात्राओं की शिकायतों सहित मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जाँच कराई जाए।
2. शिकायतकर्ता छात्राओं के बयान संवेदनशील वातावरण में दर्ज किए जाएँ तथा उनकी पहचान, निजता और सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाए।
3. छात्राओं या उनके परिजनों पर शिकायत वापस लेने अथवा समझौता करने के लिए किसी भी प्रकार का दबाव न बनाया जाए।
4. शिक्षक के साथ-साथ स्कूल निदेशक और प्रबंधन की भूमिका की भी स्वतंत्र जाँच कराई जाए।
5. जाँच में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
6. यदि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्कूल की मान्यता के संबंध में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
7. निदेशक की भूमिका में गंभीर कदाचार प्रमाणित होने की स्थिति में, विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश से प्रतिबंधित करने के विषय पर नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की माँगों और मामले की गंभीरता को सुनते हुए निष्पक्ष जाँच कराने तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। यह विरोध प्रदर्शन किसी को दोषी घोषित करने के लिए नहीं, बल्कि शिकायतों की निष्पक्ष जाँच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है। जाँच में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए।
इस अवसर पर देहरादून युवा कॉंग्रेस महानगर अध्यक्ष तेजस्वी राणा ने कहा कि, “बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। छात्राओं की आवाज को दबाया नहीं, सुना जाना चाहिए। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में सच्चाई सामने लाकर न्याय सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
इस अवसर पर शुभम चौहान, सिद्धार्थ अग्रवाल, मुकेश बसेड़ा, अतुल सक्सेना, अभिषेक पासी, शाद दारा, अरशद, सौरभ सेमवाल, मंथन भाटिया, अभिषेक कुमार, स्वयं रावत, आर्यन भंडारी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे !
