सोशल मीडिया पर महिला के चरित्र पर टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा, एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग

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वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

देहरादून। उत्तराखंड में सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने और उनके मान-सम्मान एवं चरित्र पर सवाल खड़े करने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ आज उत्तराखंड कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में प्रदेश सचिव स्वाति नेगी संग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक, देहरादून ग्रामीण जया बलूनी से मुलाकात कर ‘वसूली अभियान मोर्चा’ नामक सोशल मीडिया पेज के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस प्रदेश सचिव स्वाति नेगी ने भावुक होते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी महिला के चरित्र और उसके पारिवारिक सम्मान को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि वह एक विवाहिता हैं, उनका अपना परिवार और ससुराल पक्ष है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को लेकर जिस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणियां और भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है, वह केवल उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने का प्रयास है। स्वाति ने कहा कि यह पोस्ट सिर्फ उनका नहीं, प्रताप नगर के सम्मानित विधायक विक्रम सिंह नेगी और पूर्व अध्यक्ष करन महरा, जो दोनों ही उनके पिता समान हैं, उनके मान-सम्मान पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।

उन्होंने कहा, “राजनीति में हम आलोचना सुनने के लिए तैयार हैं, सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन मेरे चरित्र पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। एक महिला होने के नाते मुझे सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि राजनीतिक विरोध की आड़ में मेरे परिवार और मेरे ससुराल की प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। मेरी लड़ाई केवल अपने लिए नहीं, बल्कि हर उस महिला के सम्मान के लिए है जिसे सोशल मीडिया की आड़ में बदनाम करने की कोशिश की जाती है।”

इस अवसर पर महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक विरोध के नाम पर किसी महिला के चरित्र, सम्मान और परिवार को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक और राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी की व्यक्तिगत गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

डॉ. गोगी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं के सम्मान की पक्षधर रही है। आलोचना तथ्यों और नीतियों पर होनी चाहिए, व्यक्तिगत चरित्र हनन और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से किसी महिला को बदनाम करना राजनीतिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सोशल मीडिया पेज के संचालकों की पहचान की जाए और कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया को राजनीतिक विरोधियों के चरित्र हनन और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का माध्यम बनाया जाएगा तो कांग्रेस कार्यकर्ता इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेंगे। राजनीति में विरोध स्वीकार्य है, लेकिन महिला सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

स्वाति नेगी ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी पुलिस को लिखित शिकायत दी जा चुकी है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 28 दिसंबर 2025 को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर ‘वसूली अभियान मोर्चा’ के संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उक्त सोशल मीडिया पेज द्वारा 28 फरवरी 2026 को पुनः कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाते हुए राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला वीडियो पोस्ट किया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम जरूर है, लेकिन इसकी आड़ में किसी व्यक्ति की छवि खराब करना, मानहानि करना, चरित्र हनन करना अथवा परिवार की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना स्वतंत्रता नहीं बल्कि कानून का दुरुपयोग है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों की पहचान की जाए तथा आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राजनीति में वैचारिक और राजनीतिक विरोध स्वीकार्य है, लेकिन किसी महिला के चरित्र, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शिकायतकर्ताओं में मुख्य रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र पोखरियाल, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, पार्षद कोमल बोरा, पार्षद एतात खान, रॉबिन त्यागी, पिया थापा, मोहन काला, लकी राणा, मोहित मेहता, मोनी, विनीत प्रसाद भट्ट (बंटू), संजय, सुलेमान अंसारी, सुरभि शाह, वंदना राही, गुल मोहम्मद, हर्ष बागरी, अभिषेक पासी, प्रियांशु गोड़ इत्यादि शामिल रहे।

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