हरेला पर हरियाली का संकल्प, ऋषिकेश में जंगलों पर कुल्हाड़ी! पेड़ों की कटाई से बेघर हो रहे वन्यजीव

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

ऋषिकेश। एक ओर उत्तराखंड में हरेला पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश के सात मोड़ क्षेत्र में जंगलों की अंधाधुंध कटाई चिंता का विषय बनी हुई है। पेड़ों के कटने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वन्यजीवों का आशियाना भी उजड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जंगलों की कटाई का विरोध करते हुए सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार ‘एक पेड़ मां के नाम’ और हरेला जैसे अभियानों के जरिए हरियाली बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जंगलों को बचाने में विफल साबित हो रही है।

सात मोड़ से सामने आई तस्वीरें इस विरोधाभास को साफ तौर पर बयां कर रही हैं। जंगलों की कटाई से वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बेघर हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ती जा रही है।

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