मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जिला कारागार देहरादून में निरुद्ध बंदी अंकित कुमार द्वारा निशुल्क अधिवक्ता प्रदान किए जाने हेतु एक प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्राप्त हुआ। प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव महोदय द्वारा प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त करने हेतु आदेश पारित किया गया, जिसके अंतर्गत श्री अजय कुमार बडोनी, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल को उक्त वाद में अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया।
श्री अजय कुमार बडोनी द्वारा प्रकरण का अवलोकन करने पर ज्ञात हुआ कि अभियुक्त अंकित कुमार के विरुद्ध थाना सहसपुर, देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 345/2022, अंतर्गत धारा 376, 506, 504, 323, 427, 511 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त की मां (पीड़िता) द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट, संपत्ति को नुकसान पहुँचाने तथा बलात्कार का प्रयास करने जैसी हरकतें करता है।
मामले की विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश), देहरादून के समक्ष दिनांक 17 फरवरी 2023 को अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय ने 11 अप्रैल 2023 को अभियुक्त के विरुद्ध आरोप तय कर विचारण प्रारंभ किया।
विचारण के दौरान पीड़िता द्वारा न्यायालय में दिए गए बयानों में यह स्पष्ट किया गया कि अभियुक्त ने उसके साथ किसी भी प्रकार की गलत हरकत नहीं की तथा विवाद का मूल कारण जमीन का पारिवारिक विवाद है। पीड़िता ने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में भी उसने अभियुक्त के विरुद्ध इसी प्रकार का मुकदमा दायर किया था जिसमें अभियुक्त को दोषमुक्त किया गया था।
मुकदमे में अन्य गवाहों के बयानों से भी यह तथ्य सामने आया कि किसी ने अभियुक्त को पीड़िता के साथ छेड़छाड़, मारपीट या किसी प्रकार की अभद्र हरकत करते हुए नहीं देखा।
श्री अजय कुमार बडोनी, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, द्वारा विस्तृत बहस प्रस्तुत करते हुए न्यायालय के समक्ष यह प्रतिपादित किया गया कि अभियुक्त एवं पीड़िता (माता-पुत्र) के मध्य विवाद मात्र जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद है और अभियुक्त को झूठे आरोपों में फंसाया गया है।
निर्णय। दिनांक 10.10.2025
सभी साक्ष्यों, गवाहों एवं तर्कों के परीक्षण के उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा यह निर्णय दिया गया कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा है। अतः अभियुक्त अंकित कुमार को धारा 376, 511, 323, 504, 506, 427 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत लगाए गए आरोपों से दोषमुक्त (Acquitted) किया गया।
