मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर थाना पुलिस ने देहरादून निवासी पीड़ित से 84.70 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर लोगों को स्टॉक ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश के नाम पर फंसाता था। आरोपी ने पीड़ित से झूठे वादे और फर्जी वेबसाइटों का सहारा लेकर यह बड़ी ठगी की।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि अक्टूबर 2024 में देहरादून के एक निवासी ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सोशल मीडिया पर स्टॉक विश्लेषण का एक विज्ञापन देखने के बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद साइबर ठगों ने खुद को एनडब्ल्यूआईएल सिक्योरिटीज और रिलिगेयर एंटरप्राइजेज (एनएसई में सूचीबद्ध) का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित का विश्वास जीता। उन्होंने पीड़ित का आरबीएल ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया और मुनाफा दिखाते हुए बड़ी रकम निवेश करवा ली।
एसटीएफ की टीम ने डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी दुर्गेश (29 वर्ष), निवासी सुभाष नगर, कासगंज को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और एसएमएस अलर्ट नंबर बरामद किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी ने पीड़ित को फर्जी वेबसाइट पर खाता खोलने के लिए मजबूर किया और वहां करोड़ों रुपये का मुनाफा दिखाकर और अधिक निवेश करवाया।
ठगी की राशि को आरोपी ने कई बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इन खातों में फर्जी आईडी का उपयोग किया गया था। आरोपी और उसके साथियों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों के जरिए लोगों से संपर्क किया। उन्हें स्टॉक ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद, फर्जी वेबसाइट पर खाता खुलवाकर निवेश के नाम पर ठगी की गई।
