मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जनपद शामली कैराना..अंजुमन गुलिस्तान-ए- उर्दू अदब की ओर से मोहल्ला अफ़गानान में एक शेरी महफ़िल का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों ने अपनी शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।महफ़िल का शुभारंभ फ़ीता काटकर अय्यूब खान पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी ने किया।महफ़िल की अध्यक्षता हाजी अकबर अंसारी ने की तथा संचालन मास्टर अतीक शाद ने किया। महफ़िल की शमा रोशन संयुक्त रूप से सलीम फ़ारुकी, दीपक कश्यप,शबाब कैरानवी,नवेद अहमद,फ़िरोज़ खान, आशिक कैरानवी, हाशिम शैदा कससारी, हाजी शकील अहमद ने की।
महफ़िल के आयोजक आरिफ खान क़मर रहे। नगर के मोहल्ला अफ़गानान में शराफत खान के निवास पर अंजुमन गुलिस्तान-ए-उर्दू अदब की जानिब से शेरी महफ़िल का आगाज़ कारी मुदस्सिर की नात से हुआ। महफ़िल का आगाज़ करते हुए कारी मुदस्सिर ने कुछ यूं कहा…. ए खुदा, ए खुदा, सुन ले सबकी दुआ, तू है मुश्किल कुशा, ए खुदा ए खुदा..
शायर अब्दुल्ला सादिक ने इंसानियत की खिदमत को बढ़ावा देने लिए कुछ यू कहा… खिदमत-ए-खल्क जो दिन-रात करे हैं,उनका बुलंदी पे मुकद्दर देखा।वरिष्ठ पत्रकार व प्रसिद्ध शायर डॉक्टर सलीम फारूकी ने पुराना समय याद करते हुए कहा.. आप ने लिखे थे जो खत जवानी में,आज भी सुरक्षित हैं दिल की राजधानी में।
शबाब कैरानवी ने कहा.. गाली निकल पड़ी ही क्यों तेरी ज़बान से, क्या है तेरा हस्ब-नस्ब क्या खानदान है।पत्रकार व कवि दीपक कश्यप ने कहा..एक ही मालिक की यह दोनो संतान,एक बना हिंदू एक मुसलमान। महफ़िल में सभी शायरों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते हुए खूब वाह वाही बटोरी, महफ़िल रात्रि 09 से 02 बजे तक बुंलदियों को छूते हुए चली।
शेरी महफ़िल के सरपरस्त वरिष्ठ पत्रकार वसी हैदर साकी ने कहा, उर्दू आज भी मुशायरों नशिस्तों से जिंदा है।अंत में महफ़िल के कन्वीनर नवेद अहमद अय्यूबी ने सभी शायरों व श्रोताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा अपने बच्चों के बेहतर मुस्तकबिल के लिए सभी को एकमत होकर शिक्षा के क्षेत्र में काम करने व उर्दू ज़बान को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।वहीं अंजुमन गुलिस्तान-ए- उर्दू अदब के पदाधिकारियों ने अगले माह 01 अगस्त को होने वाली महफ़िल का ऐलान किया।मुदस्सिर खान, रिफाकत खान, इलियास खान, फुरकान अंसारी, आमिर खान का विशेष सहयोग रहा।
