ना सिक्योरिटी- ना काफिला, मरीज बनकर सरकारी अस्पताल पहुंचीं IAS अफसर, फिर…

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मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान

वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।

वन विभाग रायपुर रेंज चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।

अपर यमुना वन प्रभाग चेतावनी

जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वनों को अग्नि से सुरक्षा

वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।

वन अग्नि सुरक्षा अभियान
वन विभाग अपील
जंगलों में आग को लेकर चेतावनी
जंगलों की आग रोकथाम
वन विभाग संदेश

फिरोजाबादः यूपी के फिरोजाबाद स्थित एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिले की महिला एसडीएम (IAS) औचक निरीक्षण करने पहुंच गईं. निरीक्षण के लिए एसडीएम घूंघट में मरीज बनकर पहुंची थीं. उन्होंने आम मरीजों की तरह लाइन में लगकर पर्चा बनवाया और डॉक्टर को दिखाने के लिए कतार में लग गईं. शुरू में उन्हें कोई पहचान नहीं पाया. लेकिन जब खुलासा हुआ कि घूंघट वाली महिला कोई और नहीं बल्कि एसडीएम हैं, तो वहां मौजूद कर्मचारियों के पसीने छूट गए. एसडीएम को स्वास्थ्य केंद्र में कई खामियां मिलीं.

दरअसल, फिरोजाबाद की SDM सदर कृति राज मंगलवार (12 मार्च) को दीदामई स्थित शकीला नईम स्वास्थ्य केंद्र पर गोपनीय तरीके से निरीक्षण करने पहुंच गईं. उन्होंने अपनी गाड़ी को अस्पताल से काफी दूर छोड़ दिया और घूंघट में मरीज बनकर अस्पताल में दाखिल हुईं. ऐसे में उन्हें कोई पहचान नहीं पाया.

घूंघट में सरकारी अस्पताल पहुंचीं SDM
बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद के स्वास्थ्य महकमें में अनियमितता, भ्रष्टाचार और खराब व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं. जब एसडीएम सदर कृति राज के पास इसकी शिकायत आई तो उन्होंने फौरन मामले का संज्ञान लिया और औचक निरीक्षण पर निकल पड़ीं.

उन्हें शिकायत मिली थी कि दीदमई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुत्ते के काटने के इंजेक्शन नहीं लगाये जा रहे हैं. इसकी जांच करने जब वह वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं तो उन्होंने गाड़ी से उतरते ही दुपट्टे से घूंघट किया और साधारण मरीज की तरह पर्चा बनवाया. लोगों से बातचीत भी की.

जैसे ही वह अंदर दवाई चेक करने के लिए गईं तो उन्हें बहुत सारी दवाएं एक्सपायरी डेट की मिलीं. डॉक्टर और कर्मचारियों का मरीज के प्रति व्यवहार भी खराब मिला. SDM को अस्पताल में काफी अव्यवस्थाएं मिलीं. जिसपर उन्होंने कहा कि वह इसको लेकर सख्त कार्रवाई करेंगी.
एसडीएम द्वारा बताया गया कि अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा लोगों को खड़े करके इंजेक्शन लगाये जा रहे थे. बेड पर काफी धूल जमा थी. साफ-सफाई नहीं थी. डिलीवरी रूम और शौचालय में तक में गंदगी पाई गई. कर्मचारियों में सेवाभाव का अभाव दिखा. फिलहाल, कार्रवाई के लिए निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को भेजी जा रही है.

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