मसूरी वन प्रभाग की ओर से सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वन क्षेत्राधिकार एवं समस्त स्टाफ, ऋषिकेश वन क्षेत्र_ऋषिकेश, देहरादून वन प्रभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम को लेकर संबंधित अपील द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वन विभाग रायपुर रेंज की ओर से जंगलों में लगने वाली आग को लेकर जारी की गई अपील।
जंगलों की आग को लेकर वन प्रभाग मसूरी द्वारा जारी की गई चेतावनी।
जंगलों की आग को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट द्वारा जारी की गई चेतावनी।
वनों को अग्नि से सुरक्षा हेतु कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी, बद्रीनाथ वन विभाग, गोपेश्वर द्वारा जारी की गई चेतावनी।
“2027 परिवर्तन का वर्ष होगा—मजबूत संगठन, जनमुद्दों और बूथ की ताकत से कांग्रेस भाजपा को देगी चुनौती” — डी.के. पाल
देहरादून, 28 अक्टूबर 2026। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ (इंटक) उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव (संगठन) डी.के. पाल ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन के चुनाव नहीं होंगे, बल्कि बेरोजगारी,बढ़ती महंगाई, पेपर लीक, शिक्षा,स्वास्थ्य,महिला सुरक्षा, श्रमिक हित और आम आदमी के जीवन से जुड़े सवालों पर जनता के फैसले के चुनाव होंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड सहित चुनावी राज्यों में अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करते हुए जनता के बीच जा रही है और भाजपा सरकारों से उनके वादों तथा कार्यों का हिसाब मांग रही है।
डी.के. पाल ने कहा कि देश का नौजवान आज सबसे अधिक चिंतित है। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि युवाओं को उनकी शिक्षा और योग्यता के अनुरूप पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाए। विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक के मामलों ने युवाओं के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है।
उन्होंने कहा, “जब वर्षों मेहनत करने वाला युवा परीक्षा की तैयारी करता है, परिवार अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा उसकी पढ़ाई पर लगाता है और अंत में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती—एक परिवार की उम्मीद और एक नौजवान का भविष्य प्रभावित होता है।”जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
महंगाई पर सरकार को घेरते हुए पाल ने कहा कि आम परिवार का घरेलू बजट लगातार दबाव में है। भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य आवश्यक खर्चों ने विशेषकर मध्यम एवं गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ाई है। घर का बजट संभालने वाली महिलाओं को इसका प्रभाव प्रतिदिन महसूस करना पड़ता है।
शिक्षा को व्यापार नहीं, बच्चों का अधिकार बनाना होगा
डी.के. पाल ने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय स्कूलों के बंद होने या विलय की स्थितियां चिंता का विषय हैं। दूसरी ओर निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और प्रवेश सहित अन्य शुल्कों से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
कांग्रेस को ऐसी व्यवस्था की दिशा में काम कर कर रही है जिसमें अच्छी और सस्ती शिक्षा, पारदर्शी भर्ती, पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई और युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती होनी चाहिए तथा निजी क्षेत्र में भी युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार और उचित वेतन मिलना चाहिए।
“युवा सवाल पूछेगा तो लोकतंत्र मजबूत होगा”
पाल ने कहा कि बेरोजगार युवा यदि अपने रोजगार और भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता है तो सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए। युवाओं के सवालों को दबाने के बजाय उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा उत्तराखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल और हरीश रावत, यशपाल आर्य, और करण माहरा सहित पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता जनता से जुड़े सवालों को लगातार उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि 365 दिन जनता के बीच रहने वाला संगठन बन रहा है। न्याय, जन-जागरूकता, रोजगार, महंगाई, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसान-मजदूर और जनहित के मुद्दों को गांव, वार्ड और बूथ तक पहुंचा रहा है, जनमानस भी कांग्रेस सेकंजूद रहा है।
“हमारा लक्ष्य केवल सरकार बदलना नहीं, व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत करना है”
डी.के. पाल ने कहा—
“हम जनता से केवल कांग्रेस को वोट देने की अपील नहीं कर रहा है । हम चाहते हैं कि जनता भाजपा और कांग्रेस—दोनों के काम, नीतियों और भविष्य के कार्यक्रमों को परखे और फिर अपना निर्णय करे। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर बता रहे है कि हम रोजगार, शिक्षा, महंगाई, मजदूर, किसान, महिलाओं और युवाओं के लिए बहुत बड़ा बदलाव चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक संगठित और प्रशिक्षित करना सबसे महत्वपूर्ण है। प्रत्येक कार्यकर्ता को स्थानीय जनसमस्याओं की जानकारी हो और वह जनता के सुख-दुख में सहभागी बन सके।
2027 में जनता के सामने होगा विकल्प
डी.के. पाल ने कहा कि 2027 परिवर्तन का वर्ष बन रहा है, यह परिवर्तन नारों से नहीं बल्कि जनता का विश्वास जीतने, मजबूत संगठन खड़ा करने और स्पष्ट जनहितकारी नीतियां प्रस्तुत करने से आ रहा है ।
उन्होंने प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों, किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा—
“आइए,हमारे साथ मिलकर बीजेपी से सवाल पूछिए। बीजेपी की इन सरकारों से हिसाब मांगिए। अपने बच्चों के रोजगार और शिक्षा की बात कीजिए। महंगाई और आम परिवार की परेशानियों पर हमारे आंदोलंन और न्याय यात्रा से जुड़कर आवाज उठाइए। लोकतंत्र में जनता से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। कांग्रेस आपके बीच आकर आपकी आवाज को मजबूत करने और आपके अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”
रोजगार चाहिए—युवाओं का सम्मान चाहिए।
सस्ती और अच्छी शिक्षा चाहिए—पेपर लीक से मुक्ति चाहिए।
महंगाई पर नियंत्रण चाहिए—महिलाओं और परिवारों को राहत चाहिए, बहन अंकिता भंडारी को न्याय चाहिए,
मजदूर-किसान का सम्मान चाहिए—जनता के प्रति जवाबदेह सरकार चाहिए।
“जन-जन तक जाएंगे, जनमुद्दे उठाएंगे—कांग्रेस को मजबूत बनाएंगे।”और 2027 के चुनावों मे कांग्रेस की बम्पर बहुमत से सत्ता मे लाएंगे।
डी.के. पाल
प्रदेश महासचिव (संगठन)
भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ (INTUC)
उत्तराखंड राज्य।
